PM Modi Address Nation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दशकों तक हमारे देश के लोग और व्यापारी दर्जनों करों के जाल में फंसे रहे. अब जीएसटी सुधारों की वजह से उपभोक्ता जटिल टैक्सों से मुक्त हुए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रविवार को राष्ट्र को संबोधित किया . इस दौरान उन्होंने सभी को नवरात्रि के शुभकामनाएं दीं. पीएम ने कहा कि कल सूर्योदय के साथ ही नेक्स्ट-जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू होंगे.
पीएम मोदी ने कहा, “कल से नवरात्रि का पर्व शुरू हो रहा है. मैं आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं. नवरात्रि के पहले दिन से देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है. कल, नवरात्रि के पहले दिन सूर्योदय के साथ ही अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू हो जाएंगे.”
प्रधानमंत्री ने कहा, “कल से देश में ‘GST बचत उत्सव’ शुरू हो रहा है. आपकी बचत बढ़ेगी और आप अपनी पसंदीदा चीजें खरीद सकेंगे… ‘GST बचत उत्सव’ से समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा…”
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और ‘मेड इन इंडिया’ को गर्व का प्रतीक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को हमें रोजमर्रा की आदत, गर्व और पहचान बनाना होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन की बड़ी बातें-
कल सोमवार (22 सितंबर, 2025) से अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार लागू हो जाएंगे. यह ‘जीएसटी बचत उत्सव’ की भी शुरुआत होगी.
जीएसटी बचत उत्सव से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बचत और खुशहाली में वृद्धि होगी.
जीएसटी सुधार हर परिवार में खुशहाली लाएंगे, भारत की ग्रोथ स्टोरी को गति देंगे.
आयकर छूट सीमा बढ़ाने और जीएसटी सुधारों से लोगों को 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी.
12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर छूट गरीबों, नव-मध्यम वर्ग, मध्यम वर्ग के लिए ‘डबल बोनांजा’ साबित होगा.
भारत ने जब 2017 में जीएसटी सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया, तब इसने पुराने इतिहास को बदलकर नया इतिहास रचने की शुरुआत थी.
जीएसटी ने ‘एक राष्ट्र-एक कर’ के सपने को साकार किया.
दशकों तक हमारे देश के लोग और व्यापारी दर्जनों करों के जाल में फंसे रहे. ऑक्ट्रॉय, एंट्री टैक्स, सेल्स टैक्स, एक्साइज, वैट, सर्विस टैक्स जैसे अनेक टैक्स हमारे देश में मौजूद थे. अब जीएसटी सुधारों की वजह से उपभोक्ता जटिल टैक्सों से मुक्त हुए हैं.
जीएसटी में सुधार ‘नागरिक देवो भवः’ की भावना को दर्शाते हैं.
जब भारत समृद्धि के शिखर पर था, तब MSME उसकी नींव थे. हमें उस गौरव को फिर से हासिल करना है.
हमारे उत्पादों की गुणवत्ता भारत का गौरव बढ़ाने वाली होनी चाहिए. स्वदेशी से हमारी समृद्धि बढ़ेगी.
हमें मेड-इन-इंडिया उत्पाद खरीदने चाहिए. हर घर और हर दुकान स्वदेशी का प्रतीक बने. जब ऐसा होगा, तब भारत तरक्की करेगा.
इस सुधार का नतीजा यह है कि रोजमर्रा की जरूरी चीजें या तो कर-मुक्त हो गई हैं या उन पर सिर्फ 5 परसेंट जीएसटी लगता है.
