अवैध खनन का मामला को लेकर देवेंद्र नाथ महतो ने महामहिम राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन।

हजारीबाग, झारखंड: हजारीबाग जिला बड़कागांव प्रखंड गोंदलपुरा कोल ब्लॉक अंतर्गत मेसर्स अडानी पावर कोल ब्लॉक के खिलाफ पिछले 12 अप्रैल 2023 से आंदोलनरत रैयत ग्रामीणों ने आज (सोमवार) को जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन सौंप कर ग्रामीणों ने राज्यपाल से मांग की है कि बिना ग्राम सभा और स्थानीय रैयतों की सहमति के अवैध खनन कार्य पर रोक लगाई जाए। वही इस संदर्भ में देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अडानी, अंबानी, टाटा और बिड़ला जैसी कंपनियों को झारखंड की संपदा का दोहन करने का कोई अधिकार नहीं है, और अगर वे ऐसा करती हैं तो उन्हें राज्य से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

खनन परियोजना का विवरण

 

मेसर्स अडानी इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को गोंदलपुरा में कोल खनन के लिए लगभग 551 एकड़ रैयती जमीन, 542 एकड़ वनभूमि और 173 एकड़ गैर-मजरुआ जमीन आवंटित की गई है। कुल लगभग 1268 एकड़ जमीन पर कोल खनन करने का प्रस्ताव है, जिसको लेकर ग्रामीणों का आरोप है कि रैयती जमीन बिना ग्राम सभा और स्थानीय रैयतों से सहमति लिए लिया गया है।

साथ ही ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि उनके संवैधानिक आवाज को कुचलने के लिए उनपर फर्जी मुकदमा किया जा रहा है, और 6 निर्दोष ग्रामीणों को जेल भी भेजा जा चुका है।

 

राज्यपाल ने दिया आश्वासन

महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि मामले का समाधान को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार को लिखित रूप से अवगत कराएंगे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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