बिहार में अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं. उससे पहले चुनाव आयोग चाहता है कि वोटर लिस्ट का रिवीजन हो जाए, ताकि मृत लोगों या फर्जी वोटरों को बाहर निकाला जा सके. इसके लिए चुनाव आयोग ने स्पेशल वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) शुरू किया तो विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए. दावा किया कि चुनाव आयोग जबरदस्ती लोगों को बाहर निकालने की प्लानिंग कर रहा है. उसने ऐसे ऐसे दस्तावेज मांग लिए हैं, जो दे पाना सामान्य लोगों के लिए आसान नहीं है. इसी पर गुरुवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट रिवीजन पर रोक लगाने से तो इनकार कर दिया, लेकिन सुझाव दिया कि चुनाव आयोग आधार, राशन कार्ड और वोटर कार्ड को भी आईडी प्रूफ माने और जिन लोगों के पास ये है, उसे वोटर लिस्ट में रखा जाए.
सुप्रीम कोर्ट से मिली चुनाव आयोग को बड़ी राहत, बिहार में जारी रहेगा वोटर लिस्ट सत्यापन; आधार, वोटर ID, राशन कार्ड भी होगा प्रूफ
