रांची। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने अपनी 21 सूत्री मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिलने का निर्णय लिया है। महासंघ का कहना है कि राज्य के हजारों कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास जाकर अपनी मांगों के समर्थन में आग्रह करेंगे।
महासंघ ने भरोसा जताया है कि उनकी समस्याओं का समाधान केवल मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की पहल पर ही संभव है। कर्मचारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार के अनुरूप आज तक कई संवर्गों को संशोधित वेतनमान, ग्रेड पे और भत्ते नहीं मिले हैं।
महासंघ की प्रमुख मांगें
- JSLPS के ऑफिस व ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग को लेवल-8 में जोड़ा जाए।
- न्यूनतम मानदेय ₹20,000 प्रतिमाह सुनिश्चित किया जाए।
- डेटा एंट्री ऑपरेटर को लेवल-7 में समायोजित कर ₹40,900 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
- 15 किलोमीटर के दायरे में पदस्थापन की व्यवस्था हो।
- बीपीएम संवर्ग (L-5, L-6) का वेतन पुनर्संरचना कर ₹80,000 प्रतिमाह मानदेय तय किया जाए।
- पीआरपी/बीएपी संवर्ग को लेवल-6 व लेवल-5 में जोड़ा जाए तथा ₹35,000–₹40,000 प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
- सहकारिता प्रसार पदाधिकारी एवं सभी निरीक्षक संवर्ग को संशोधित वेतनमान के साथ ग्रेड पे ₹4600 दिया जाए।
- सभी संविदा, अनुबंध, दैनिक वेतनभोगी, कंप्यूटर ऑपरेटर व आउटसोर्सिंग कर्मियों का स्थायी समायोजन किया जाए।
महासंघ का कहना है कि 27 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा सभी विभागीय सचिवों को पत्र भेजकर इन मांगों पर विचार करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब तक किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई है।
आंदोलन की चेतावनी
महासंघ ने साफ किया है कि अगर मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद भी समाधान नहीं निकलता है, तो सबसे पहले JSLPS का घेराव किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री आवास के समक्ष सत्याग्रह प्रदर्शन किया जाएगा।
महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह समेत मुक्तेश्वर लाल, सुरेश हाजरा, डॉक्टर गणेश राम, बिनोद कुमार, कमलेश कुमार, सुरेश कुमार, करन कुमार गुप्ता, पंकज कुमार, अंजना सिंह, श्याम लाल पासवान, रिंकू कुमार, भरत उरांव, नारायण महतो, मुन्ना कापरी, सनातन कुमार, रामाशीष पासवान और जी.बी. राम सहित अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
