कोसी और बागमती की बाढ़ से खगड़िया में तबाही,नाव और रस्सी के सहारे चल रही है जिंद-गी

खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले में कोसी, बागमती, गंगा और बूढ़ी गंडक उफान पर है। कोसी खगड़िया के बलतारा में खतरे के निशान से एक मीटर 34 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

बागमती खतरे के निशान से खगड़िया के संतोष जलद्वार के पास एक मीटर 62 सेंटीमीटर ऊपर है। कोसी और बागमती की प्रवृति बढ़ने की बताई गई है।

गंगा और बूढ़ी गंडक घट रही है, पर खतरे के निशान से ऊपरगंगा खगड़िया के खाराधार जलद्वार के पास खतरे के निशान से एक मीटर 19 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।

बूढ़ी गंडक खगड़िया के एनएच-31 ब्रिज (अघोरी स्थान) के पास खतरे के निशान से 87 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल-एक, खगड़िया की ओर से जारी रिपोर्ट में गंगा और बूढ़ी गंडक की प्रवृति घटने की बताई गई है।

रस्सी पकड़ कर जान बचा रहे हैं लोग

जिले में सबसे अधिक प्रभावित इलाका गोगरी प्रखंड के बोरना गांव और माधवपुर पंचायत है. यहां हालात इस कदर खराब हैं कि लोग गांव से बाहर निकलने के लिए सड़कों पर पेड़ों के सहारे मोटी रस्सी बांधकर उसका सहारा ले रहे हैं. महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे-छोटे बच्चे उसी रस्सी के सहारे नदी की तेज धार को पार करने को मजबूर हैं.

बाढ़ राहत की व्यवस्था नाकाफी

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस बार की बाढ़ में सरकार की ओर से कोई ठोस सहायता नहीं मिली है. पहले जब पानी घरों में भरता था, तब लोग छत पर अस्थायी टेंट बनाकर रहते थे और सरकार द्वारा कम से कम पेयजल की व्यवस्था हो जाती थी. इस बार तो वह भी नहीं हो पा रही है.

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