बिहार के राजनीतिक रण क्षेत्र में इस बार चुनाव आयोग मोहरा बन गया है।बिहार में वोटर लिस्ट से जुड़े विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के आसपास पूरा सियासी चक्र घूम रहा है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एकदम से निश्चिंत होकर अपना काम कर रहे हैं। वही, नीतीश की कुर्सी पर नजर टिकाए तेजस्वी यादव, सासाराम की सभा में राहुल के सारथी बने दिख रहें हैँ।
पटना : बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आज से शुरू हुई ‘वोट अधिकार यात्रा’ सुर्खियां बटोर रही है. राहुल गांधी की सासाराम से शुरू हुई इस 16 दिनों की यात्रा का मकसद निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ विरोध जताना और ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाना है. महगठबंधन के नेताओं ने सासाराम में शक्ति प्रदर्शन किया। कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों को विपक्षी पार्टियां बड़ा मुद्दा बनाने की जी तोड़ कोशिश कर रही है और इसी मसले पर बिहार की चुनावी वैतरणी भी पार करना चाह रही। लिहाज, इसके लिए बड़ी तैयारी भी की गई है। राहुल गांधी ने सासाराम के सुअरा हवाई अड्डा मैदान में आमलोगों के बीच से ग्रैंड एंट्री ली। राहुल गांधी जिस गाड़ी पर सवार थे, उसको तेजस्वी यादव ड्राइव कर रहे थे। राहुल गांधी और दूसरे नेता ओपेन कार से हाथ हिला रहे थे। बिहार में महागठबंधन की सियासी गुणा-गणित भी कुछ इसी तरह की है।आपको बता दे कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी कि यह ‘वोट अधिकार यात्रा’ 25 जिलों से होकर गुजरेगी और 1 सितंबर को पटना में रैली के साथ खत्म होगी.
