रांची : झारखंड राज्य के रजत जयंती वर्ष में रांची जिले में “आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत विभिन्न स्थानों पर विशाल जनसेवा शिविरों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लाखों लोगों ने एक ही छत के नीचे पेंशन, आवास, धोती-साड़ी, दाखिल-खारिज, आधार-पैन, स्वास्थ्य सुविधाएँ सहित सैकड़ों योजनाओं का लाभ लिया।
सबसे बड़ा जनसेवा अभियान कार्यक्रम का आयोजन
पूरे राँची जिले में “आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत अब तक का सबसे बड़ा जनसेवा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न। इसके तहत झारखण्ड राज्य के गौरवशाली 25 वर्ष पूरे होने के रजत जयंती वर्ष में पूरे राँची जिले में “आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत अब तक का सबसे बड़ा जनसेवा अभियान चलाया गया। ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों से लेकर राँची नगर निगम के विभिन्न वार्डों में जनसेवा शिविर लगाए गए, जहाँ लोगों की भारी भीड़ देखी गई।
एक ही छत के नीचे 20 से अधिक विभागों की योजनाओं की जानकारी, आवेदन, स्वीकृति एवं मौके पर ही परिसंपत्ति वितरण की सुविधा उपलब्ध होने से लोगों में उत्साह का माहौल रहा। सुबह 10 बजे से शुरू हुए शिविर देर शाम तक चलते रहे।

शिविरों में प्रदान की गई मुख्य सुविधाएँ:
– सामाजिक सुरक्षा पेंशन: वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग पेंशन के सैकड़ों नवीन एवं लंबित स्वीकृति पत्रों का वितरण
– सोना-सोबरन धोती-साड़ी-लुंगी योजना: हजारों लाभुकों को धोती, साड़ी एवं लुंगी का वितरण
– दिव्यांगजनों के लिए: ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र आदि का मौके पर वितरण
– दाखिल-खारिज: शुद्धि पत्र, लगान रसीद, जाति, आय, आवासीय प्रमाण-पत्रों का त्वरित निष्पादन
– आधार कार्ड: नामांकन/सुधार, पैन कार्ड बनवाने की सुविधा
– प्रधानमंत्री आवास योजना: ग्रामीण एवं शहरी, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, किसान क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना आदि के आवेदन एवं स्वीकृति
– स्वास्थ्य विभाग: निःशुल्क स्वास्थ्य जाँच, दवा वितरण एवं आयुष्मान भारत गोल्डेन कार्ड बनवाने की सुविधा

उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राँची श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा:
“झारखण्ड की रजत जयंती का यह वर्ष हम सभी के लिए गर्व और संकल्प का वर्ष है। राज्य सरकार का संकल्प अटल है कि कोई भी व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे, चाहे वह समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़ा हो। ‘आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार’ इसी दृढ़ इच्छाशक्ति का सशक्त और जीवंत स्वरूप है।”
