रांची, 18 जनवरी 2026: झारखंड साहित्य संगम की एक आवश्यक बैठक रविवार को रांची में संपन्न हुई, जिसमें आगामी साहित्यिक गतिविधियों पर चर्चा की गई। बैठक में मुशायरा, साहित्यिक सम्मान समारोह, हाजियों का सम्मान और अन्य सांस्कृतिक-साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन पर सर्वसम्मति बनी।
संरक्षक अमीन रहबर ने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा होता है, जो मानव प्रेम, नैतिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द को सुदृढ़ करता है। डॉ वासुदेव प्रसाद ने कहा कि साहित्य केवल शब्दों का संयोजन नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली शक्ति है।
संस्था के प्रदेश महासचिव डॉ ओम प्रकाश ने कहा कि झारखंड साहित्य संगम का उद्देश्य साहित्य के माध्यम से भाषाई एकता, मानव प्रेम, कौमी सौहार्द और सांस्कृतिक समरसता को बढ़ावा देना है। आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक साहित्य की पहुँच सुनिश्चित की जाएगी और नवोदित साहित्यकारों को मंच प्रदान किया जाएगा। बैठक में साहित्यकार मो. लबरेज आलम, अनूप कुमार और अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे।
