बिहार में SIR और चुनाव में वोट चोरी के आरोप में विपक्ष का संसद भवन से निर्वाचन सदन तक मार्च, राहुल गाँधी सहित अन्य लिए गए हिरासत में

 

 दिल्ली : संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाल रहे कई सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया । इन नेताओं में लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी शामिल थे। उनके अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित कई अन्य सांसदों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया हालांकि थोड़ी देर पुलिस ने सबको छोड़ दिया ।

 

आपको बता दे की बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव में वोट चोरी के आरोप पर विपक्ष के 300 सांसदों ने आज संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा काटा. इसके बाद पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत समेत विपक्ष के कई नेताओं को हिरासत में ले लिया. सभी सांसदों को संसद मार्ग पुलिस थाने ले जाया गया, जहां से 2 घंटे बाद रिहा किया गया। जिसके बाद राहुल गाँधी और प्रियंका गांधी वाड्रा सीधे लोकसभा पहुँचे।

 

आपको बता दे कि विपक्षी सांसदों का यह मार्च संसद के मकर द्वार से शुरू हुआ। सांसदों के हाथों में ‘वोट बचाओ’ के बैनर थे। मार्च को इलेक्शन कमीशन जाने से पहले ही मार्च को परिवहन भवन के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया।

दिल्ली पुलिस ने कहा था कि इंडिया ब्लॉक ने मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी है, इसलिए उन्हें पहले ही रोक दिया गया।

दिल्ली पुलिस का ये भी कहेना है कि चुनाव आयोग की ओर से विपक्ष के नेताओं को समय दिया गया था, लेकिन वे उसके कार्यालय नहीं गए बल्कि सड़क पर हंगामा कर रहे हैं।

बैरिकेडिंग लगये जाने के बाद अखिलेश यादव ने बैरिकेडिंग फांदकर आगे बढ़ने की कोशिश की। लेकिन जब सांसदों को आगे नहीं जाने दिया गया तो वे जमीन पर बैठ गए। प्रियंका, डिंपल समेत कई सांसद ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे लगाते दिखे। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे इन सांसदों को हिरासत में ले लिया था।।

वही विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि यह संविधान बचाने की लड़ाई है. ये एक व्यक्ति-एक वोट की लड़ाई है, इसलिए हमें साफ वोटर लिस्ट चाहिए.

 

वहीं सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग ने चर्चा के लिए बुलाने के बाद भी राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता आने को तैयार नहीं हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि आयोग से बात करने का कोई अर्थ नहीं निकल रहा क्योंकि वे समस्या को सुनते तो हैं, लेकिन कभी किसी तरह के समाधान की बात नहीं की। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि चुनाव आयोग की ओर से 30 नेताओं को आने की परमिशन थी, लेकिन दरवाजे पर बड़ी संख्या में नेता पहुंच गए। इसके चलते व्यवस्था बिगड़ने की आशंका थी। इसी वजह से सांसदों को हिरासत में लिया गया है। उनका कहना है कि यदि विपक्षी दल चाहें तो अब भी 30 सांसद आराम से चुनाव आयोग के दफ्तर ले जाया जा सकता है।

 

इस पूरे प्रकरण पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ”अगर सरकार हमें चुनाव आयोग तक पहुंचने नहीं देती, तो हमें समझ नहीं आता उसे किस बात का डर है? इस मार्च में सभी सांसद थे, हम शांतिपूर्ण ढंग से मार्च निकाल रहे थे. हम चाहते थे कि चुनाव आयोग सभी सांसदों को बुलाता, हम मीटिंग करते और अपना-अपना पक्ष रखते, लेकिन चुनाव आयोग कह रहा है कि सिर्फ 30 मेंबर आएं. ऐसा कैसे संभव है?

 

वहीं बीजेपी ने मार्च निकालने पर विपक्ष पर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि INDI गठबंधन के लोग, विशेषकर कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी , जो आए दिन संविधान की दुहाई देते हैं, इसकी धज्जिया उड़ाते हैं। इन दिनों देश देख रहा है कि सबसे ज्यादा संविधान विरोधी काम अगर कोई कर रहा है, तो उसके सरगना भी राहुल गांधी ही हैं।

 

इस मामले में चुनाव आयोग ने आज कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पास “वोट चोरी” के अपने आरोप को साबित करने के लिए औपचारिक बयान देने या देश से माफी मांगने के लिए अभी भी समय है। भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने शनिवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से फिर कहा था कि या तो वे नियमों के अनुसार घोषणा करें या मतदाता सूचियों से संबंधित अपने झूठे आरोपों के लिए देश से माफी मांगें।

 

 

आपको बता दे इससे पहले दोनों सदनों में इस मुद्दे पर भारी हंगामा हुआ और कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। जो दोपहर 2 बजे दोबारा शुरू हुई। जिसके बाद लोकसभा में

बिहार मतदाता सूची में संशोधन को लेकर विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा ने राष्ट्रीय खेल संचालन विधेयक पारित कर दिया। हालांकि इसके बाद सदन को शाम 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

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