रांची: कुड़मी महतो जनजाति समुदाय के विभिन्न संगठनों ने आज रांची प्रेस क्लब में एक प्रेस कांफ्रेंस किया। इस सम्मेलन में 20 सितंबर 2025 को होने वाले रेल टेका आंदोलन के बारे में जानकारी साझा की गई। इस प्रेस कांफ्रेंस में उपस्थिति कुड़मी नेताओं ने यह आरोप लगाया कि सरकार के जनगणना पदाधिकारियों और जनजाति शोध संस्थानों ने जानबूझकर उनके साथ खिलवाड़ किया है। इसके कारण उन्हें अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नहीं किया गया है, जबकि वे संवैधानिक और कानूनी रूप से आदिवासी माने जाते हैं।
कुड़मी समुदाय की मांग है कि उन्हें अनुसूचित जनजाति में शामिल किया जाए और संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया जाए। उनका कहना है कि इससे उनके सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास में मदद मिलेगी।
20 सितंबर होगा रेल टेका
कुड़मी समुदाय के लोग 20 सितंबर 2025 को रेल टेका आंदोलन करने जा रहे हैं। यह आंदोलन पिछले 3 वर्षों से चल रहा है, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
आज के प्रेस कांफ्रेंस में आदिवासी कुड़मी समाज, कुड़माली छात्र संगठन और आदि कुड़मी युवा शक्ति के कई सदस्य उपस्थित थे। इनमें पप्पू कुड़मी, आजसू छात्र संघ के अध्यक्ष बबलू महतो, रतन महतो सत्यार्थी, मणिलाल महतो और अन्य शामिल थे।
